अखंडता-समझौता

इंटीग्रिटी पैक्ट (IP) का मकसद भ्रष्टाचार को रोकना और पब्लिक प्रोक्योरमेंट (सरकारी खरीद) में ईमानदारी सुनिश्चित करना है। भारत में IP को लागू करने के लिए सेंट्रल विजिलेंस कमीशन नोडल अथॉरिटी है। खरीदने वाले और बोली लगाने वाले के बीच कॉन्ट्रैक्ट से पहले इंटीग्रिटी पैक्ट पर साइन किया जाना चाहिए। यह MIL के प्रोक्योरमेंट मैनुअल में दिए गए प्रावधानों और फॉर्मेट के अनुसार होना चाहिए और इसे टेंडर में ठीक से शामिल किया जाना चाहिए। इंटीग्रिटी पैक्ट 5 करोड़ रुपये से ज़्यादा की खरीद के लिए लागू होगा। इस पैक्ट में मुख्य रूप से संभावित वेंडर/बोली लगाने वाले और खरीदार के बीच एक समझौता होता है। इसमें दोनों पक्षों के लोगों/अधिकारियों से यह वादा लिया जाता है कि वे कॉन्ट्रैक्ट के किसी भी पहलू पर कोई भ्रष्ट प्रभाव नहीं डालेंगे। केवल वही वेंडर/बोली लगाने वाले बोली में भाग लेने के योग्य होंगे जो खरीदार के साथ ऐसा इंटीग्रिटी पैक्ट करेंगे। MIL के लिए IEM के तौर पर नियुक्त अधिकारियों के संपर्क विवरण और वर्तमान पते इस प्रकार हैं:

1. श्री अरुण कुमार सिन्हा, IAS (रिटायर्ड)

1/95, विनीत खंड, गोमती नगर लखनऊ- 226010

ईमेल ID: aksinha2@yahoo.com

2. श्री अमिया कुमार महापात्रा, IFoS (रिटायर्ड)

फ्लैट नंबर 201, N-3/382, IRC विलेज भुवनेश्वर – 751015

ईमेल ID: amiyaifs@gmail.com

नोट: वेंडर IEM से सिर्फ़ इंटीग्रिटी पैक्ट से जुड़े मुद्दों पर ही बात कर सकते हैं। इंटीग्रिटी पैक्ट के अलावा अगर कोई और मुद्दा हो, तो उसके लिए टेंडर में बताए गए कॉन्टैक्ट पर्सन से संपर्क करना होगा।