अखंडता समझौता एवं आईईएम

अखंडता समझौता (IP) का उद्देश्य सार्वजनिक खरीद प्रक्रिया में भ्रष्टाचार को रोकना तथा ईमानदारी सुनिश्चित करना है। भारत में इसका नोडल प्राधिकरण केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) है। एमआईएल की खरीद नियमावली के प्रावधानों के अनुसार, निविदा में शामिल करते हुए, अनुबंध से पहले खरीदार और बोलीदाता के बीच अखंडता समझौते पर हस्ताक्षर किए जाते हैं। यह 5 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद पर लागू होता है। इससे दोनों पक्ष वचन देते हैं कि अनुबंध का कोई भी पहलू भ्रष्टाचार से प्रभावित नहीं होगा। केवल वे बोलीदाता भाग ले सकते हैं जिन्होंने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए हों।

अखंडता समझौते (IP) के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए नामित स्वतंत्र बाहरी मॉनिटर (IEMs) निम्नानुसार हैं:

1. श्री रजनीश कुमार वैश, IAS (सेवानिवृत्त)

प्लॉट नंबर 10, ग्रीनवुड्स गवर्नमेंट ऑफिसर्स वेलफेयर सोसाइटी, फेज II, सेक्टर ओमेगा 1, पॉकेट P2, ग्रेटर नोएडा, गौतम बुद्ध नगर (ज़िला), उत्तर प्रदेश – 201310।

ईमेल ID: rajnishakumar@gmail.com

मोबाइल: 9013807422

2. श्री राजेंद्र कल्ला, CES (सेवानिवृत्त)

एम.टेक. (Bldg. Sc. and Mgt.), CES (Civil) 1982। केंद्रीय लोक निर्माण विभाग में 36 वर्षों तक कार्य किया तथा अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में सेवानिवृत्त हुए।

16 Munirka Enclave, Opp. Vasant Vihar Bus Depot, New Delhi – 110067.

ईमेल ID: rajendra432000@yahoo.co.in

मोबाइल: 9167839661

नोट: विक्रेता केवल अखंडता समझौते से संबंधित मुद्दों के लिए ही IEMs से संपर्क कर सकते हैं। अन्य किसी भी मुद्दे के लिए निविदा दस्तावेज़ में नामित व्यक्ति से संपर्क करें।